मिर्ज़ापुर। जनपद की पावन विंध्याचल धरती पर आज देशभक्ति और सम्मान से भरा वातावरण देखने को मिला। कोलाही ग्राम सभा निवासी भारतीय सेना के वीर जवान संतोष विश्वकर्मा, पुत्र उमाशंकर विश्वकर्मा, 24 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और साहस के साथ मातृभूमि की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होकर आज अपने पैतृक गांव कोलाही आगमन की सूचना मिलते ही क्षेत्रवासियों ने अपने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के साथ मांडा रेलवे स्टेशन पहुंच कर भव्य स्वागत एवम माल्यार्पण अभिनंदन किए। उनके आगमन पर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा।
सेवानिवृत्त जवान संतोष विश्वकर्मा कल महाराष्ट्र के अहमदनगर से सेना की सेवा पूर्ण कर अपने गांव के लिए रवाना हुए थे। प्रयागराज जनपद के मांडा रोड रेलवे स्टेशन पर उनके आगमन की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्टेशन परिसर “भारत माता की जय” और “वीर जवान की जय” जैसे नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर कोलाही ग्राम सभा एवं आसपास के गांवों के सैकड़ों सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने माल्यार्पण कर, मिठाइयां खिलाकर और पुष्पवर्षा कर वीर जवान का भव्य स्वागत किया।
गांव पहुंचने पर पारंपरिक ढंग से उनका अभिनंदन किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि संतोष विश्वकर्मा ने देश की सीमाओं पर रहकर जिस साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ सेवा की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। 24 वर्षों तक सेना में रहकर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे मिर्ज़ापुर जनपद का नाम रोशन किया है।
स्वागत समारोह के दौरान लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे वीर सपूत ही देश की असली पहचान हैं, जिनके त्याग और बलिदान से देश सुरक्षित है। कार्यक्रम के अंत में देशभक्ति गीतों और नारों के साथ समारोह का समापन हुआ।
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