बांदा। जिले में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत उस समय सामने आ गई जब आज पू0मा0 विद्यालय जसईपुर, ब्लॉक तिंदवारी एवं प्राथमिक विद्यालय छापर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जो स्थिति देखने को मिली, उसने जिम्मेदार अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।बताया जा रहा है कि निरीक्षण के समय कक्षा 8 में पठन-पाठन पूरी तरह ठप मिला। छात्र मौजूद थे, लेकिन पढ़ाई का कोई माहौल नजर नहीं आया। कक्षाओं में न तो शिक्षक सक्रिय दिखे और न ही बच्चों को पढ़ाने की कोई ठोस व्यवस्था दिखी।
इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।यही नहीं, विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी, जिससे यह साफ जाहिर हो रहा था कि विद्यालय प्रशासन अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह है। बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की भी अनदेखी की जा रही थी।निरीक्षण टीम ने मौके पर ही इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित इं0 प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को दे दिए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक, जिले में अन्य स्कूलों का भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की कोशिश तेज हो गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस कार्रवाई के बाद स्कूलों की व्यवस्था सुधरेगी या फिर यह भी केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी?
Tags
Banda