लखनऊ। 13 फरवरी 2026।उत्तर प्रदेश में कुपोषण उन्मूलन की दिशा में एक और बड़ी और निर्णायक पहल सामने आई है। जनपद सोनभद्र के हजारों बच्चों और महिलाओं के बेहतर भविष्य के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) और Adani Foundation के बीच “Suposhan Project” को लेकर महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए गए।यह ऐतिहासिक समझौता महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा पुष्टाहार मंत्री Baby Rani Maurya की गरिमामयी उपस्थिति में उनके विधानसभा कार्यालय में संपन्न हुआ। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों पर फोकस इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में कुपोषण की रोकथाम और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है।परियोजना के तहत वेस्टिंग (दुबलापन), अंडरवेट (कम वजन) और स्टंटिंग (ठिगनापन) जैसे गंभीर पोषण संकट की पहचान कर समय रहते उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।SAM बच्चों को मिलेगी नई जिंदगी गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों को समय पर चिन्हित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी जान बचाई जा सके और उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटाया जा सके।आंगनबाड़ी होंगी और मजबूत अडानी फाउंडेशन द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण—
ग्रोथ मॉनिटरिंग,पोषण परामर्श व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC) किशोरियों में एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम बिना खर्च, सिर्फ असरदार काम खास बात यह है कि “Suposhan Project” पूरी तरह Non-Financial है, यानी कोई अतिरिक्त सरकारी खर्च नहीं, बल्कि मौजूदा संसाधनों से ही जमीन पर बड़ा बदलाव।मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा –“कुपोषण के खिलाफ लड़ाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस साझेदारी से जमीनी स्तर पर वास्तविक और मापनीय परिणाम मिलेंगे।” सोनभद्र के लिए मील का पत्थर
निदेशक आईसीडीएस ने इसे सोनभद्र जिले के लिए पोषण क्रांति बताते हुए कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में हजारों परिवारों की जिंदगी बदलने वाली है।
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