सोनभद्र में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग दूल्हा-दुल्हन को बचाया गया
सोनभद्र/विंधमगंज, 30 अप्रैल 2026।“कच्ची उम्र में मत करो विवाह, दोनों का जीवन होगा तबाह” — इस संदेश को सच साबित करते हुए सोनभद्र के विंधमगंज थाना क्षेत्र के बौद्धाडीह गांव में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई कर बाल विवाह होने से रोक दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब टीम मौके पर पहुंची तब बारात दरवाजे पर पहुंच चुकी थी और शादी की तैयारियां अंतिम दौर में थीं।बाल विवाह की सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की ओर से जेंडर एक्सपर्ट साधना मिश्रा, सुपरवाइजर रविन्द्र और नागेंद्र की टीम तत्काल सक्रिय हुई। टीम सीधे विंधमगंज थाने पहुंची और पुलिस के साथ गांव में दबिश दी।मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने बालिका के परिजनों से आयु संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद लड़के की उम्र के संबंध में भी साक्ष्य की जांच की गई, जिसमें लड़का भी नाबालिग पाया गया।स्थिति को गंभीरता से लेते हुए टीम ने दोनों पक्षों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। काफी समझाने-बुझाने के बाद दोनों परिवार विवाह रोकने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों को थाना विंधमगंज लाकर आपसी सहमति से समझौता कराया गया और बालिका को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत की गई। कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की बालिका तथा 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह अपराध की श्रेणी में आता है।महिला कल्याण विभाग ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर जानकारी दें। विभाग ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।इस कार्रवाई के दौरान उप निरीक्षक संजय राय, कांस्टेबल मनीष कुमार साहू, कांस्टेबल भूपेंद्र पांडेय तथा ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे।अगर प्रशासन समय पर न पहुंचता तो दो मासूम जिंदगी सामाजिक दबाव और परंपराओं की भेंट चढ़ जातीं। विंधमगंज की यह कार्रवाई अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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