जनसुनवाई में दिखी प्रशासन की संवेदनशीलता, परिजनों की आंखों में छलके खुशी के आंसू
सोनभद्र। जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा भावुक क्षण देखने को मिला, जिसने उपस्थित लोगों को भी भावुक कर दिया। दोनों पैरों से दिव्यांग एक मासूम छात्र अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के पास पहुंचा। छात्र की व्यथा सुनते ही जिलाधिकारी ने न केवल तत्काल मदद का भरोसा दिया, बल्कि मौके पर ही उसे ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराकर मानवता और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश कर दी।जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय बंजरिया में कक्षा-5 के छात्र रवि पटेल, पुत्र कमलेश पटेल, ने जनसुनवाई में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है और उसे अभी तक छात्रवृत्ति की धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। आर्थिक और शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे छात्र की बात सुनकर जिलाधिकारी गंभीर हो गए और तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।जिलाधिकारी ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्र को बिना किसी विलंब के ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाए। आदेश मिलते ही विभाग ने कार्रवाई की और जिलाधिकारी ने स्वयं अपने हाथों से रवि पटेल को ट्राइसाइकिल प्रदान की। ट्राइसाइकिल मिलते ही छात्र के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और वहां मौजूद लोगों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की।इतना ही नहीं, जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि छात्र की लंबित छात्रवृत्ति की धनराशि का तत्काल सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उसे शिक्षा प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।ट्राइसाइकिल प्राप्त होने के बाद छात्र रवि और उसके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भावुक परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई में हुई यह पहल प्रशासन की जनहितैषी, संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली का जीवंत उदाहरण बन गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासन जरूरतमंदों की समस्याओं को इसी संवेदनशीलता से सुनता और उनका समाधान करता है, तब शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। जिलाधिकारी की इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक पद केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का भी माध्यम है।






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