अनुदान से मिले नलकूप, बढ़ी पैदावार और किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
बदायूं। जनपद के किसानों के लिए मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। योजना के तहत उथले एवं गहरे नलकूपों पर मिलने वाले अनुदान ने किसानों को सिंचाई के लिए आत्मनिर्भर बना दिया है। अब किसान समय पर सिंचाई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।तहसील दातागंज के ग्राम रमपूरा खुर्द, पापड़, हमजापुर, घिलौर समेत कई गांवों के किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि योजना से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले सिंचाई के लिए उन्हें वर्षा या किराये के साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे फसलों की पैदावार प्रभावित होती थी और आर्थिक परेशानियां बढ़ जाती थीं।किसानों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत उथले नलकूपों की लागत लगभग 22 हजार रुपये रही, जिस पर 15,400 रुपये तक का अनुदान प्राप्त हुआ। वहीं गहरे नलकूपों की स्थापना पर लगभग 5.30 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें 3.47 लाख रुपये तक का अनुदान मिला।योजना का लाभ मिलने के बाद किसानों को अपना स्थायी सिंचाई साधन उपलब्ध हो गया है। गहरे नलकूपों से बड़े क्षेत्र में सिंचाई संभव हुई है, जिससे किसान अब पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर अन्य लाभकारी फसलों की खेती भी कर रहे हैं। समय पर सिंचाई, कम लागत और बेहतर उत्पादन ने किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।






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