योगी सरकार की मदद से हेमा बनीं सफल महिला उद्यमी
सोनभद्र, 24 मई। सोनभद्र के करमा ब्लॉक स्थित सरौली गांव की महिला उद्यमी हेमा कुमारी महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल बन चुकी हैं। जिसके सामने कभी खुद परिवार चलाने का संकट हो, वह महिला आत्मनिर्भर बनकर अब 20 लोगों को रोजागार दे रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और प्रदेश की योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं का लाभ लेकर हेमा ने यह साबित कर दिया कि अगर महिलाओं को सही मंच, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले तो वे अपनी तकदीर खुद लिख सकती हैं।
27 वर्षीय हेमा ने बताया कि वे बेहद साधारण परिवार से हैं। आर्थिक तंगी के चलते परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्हें मजदूरी तक करनी पड़ी। उन्होंने अपने सफर की शुरूआत सत्य आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर की। इसके बाद उन्हें एनआरएलएम की ओर से फर्नीचर बनाने का प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही 20 हजार रुपये का ऋण भी दिलाया गया। जिसके बाद उन्होंने अपने पति धर्मेन्द्र प्रजापति के साथ मिलकर लकड़ी के फर्नीचर बनाकर स्थानीय बाजारों में बेचना शुरू किया। बाजार में धीरे-धीरे उनके बनाए फर्नीचर की मांग बढ़ने पर उनके भीतर आत्मविश्वास जागा। उनके भीतर उद्यमशीलता को निखारने में कदम-कदम पर एनआरएलएम ने सहयोग किया। समय-समय पर वित्तीय मदद के साथ-साथ प्रशिक्षण, व्यवसाय प्रबंधन व विपणन संबंधी जानकारी भी एनआरएलएम के द्वारा उपलब्ध कराई गई। हेमा कहती हैं कि अब उनके बनाए फर्नीचर की बाजार में इतनी डिमांड हो गई है कि उन्होंने फर्नीचर बनाने के लिए 20 कारीगरों को रखा हुआ है। कभी मुश्किल से परिवार चलाने वाली आत्मनिर्भर हेमा आज 20 लाख रुपये की सालाना की आमदनी कर रही हैं। वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के साथ ही परिवार का भरण-पोषण भी अब अच्छे से कर पा रही हैं।
योगी सरकार की पारदर्शी नीति के चलते हेमा बनीं आत्मनिर्भर
हेमा कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह अपने गांव में युवाओं के लिए रोजगार का जरिया बनेंगी। लेकिन योगी सरकार की योजनाओं और प्रशासनिक सहयोग ने उनके आत्मविश्वास को नई ताकत दी। कारोबार बढ़ने पर उन्होंने अपनी दुकान खोल ली। जिसके बाद एनआएलएम द्वारा उन्हें 5 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। समय पर ऋण अदा करने पर उन्होंने दोबारा 5 लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी दुकान में मांग के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद भी बेचना शुरू कर दिया है। हेमा कहती हैं कि उनका यह सपना योगी सरकार की पारदर्शी नीति के कारण ही संभव हो सका है। वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की उपायुक्त सरिता सिंह ने बताया ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एनआरएलएम द्वारा महिलाओं का कौशल विकास करने के साथ ही उन्हें वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें इसके लिए समय-समय पर उन्हें सभी जरूरी प्रशिक्षण भी दिलाए जाते हैं। महिलाओं को हेमा से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बनने के लिए कदम आगे बढ़ाने चाहिए जिसमें प्रदेश सरकार व एनआरएलएम उनकी हर संभव मदद करेगा।





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