Ad Code


 

बालिका गृह में पहुंची न्यायिक टीम, 43 बालिकाओं की सुरक्षा-व्यवस्था परखी

मिशन शक्ति के तहत कानूनों की पाठशाला, बालिकाओं को अधिकारों और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक


सोनभद्र।
बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने गुरुवार को बड़ी पहल की। माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राम सुलीन सिंह के आदेश पर अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट श्री ओमकार शुक्ला एवं सिविल जज सी0डि0/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राहुल ने पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका), इन्द्रपुरी कॉलोनी राबर्ट्सगंज का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका श्रीमती नीलम सिंह सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा। न्यायिक टीम ने बाल गृह की साफ-सफाई, भोजन, नाश्ता और बालिकाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के समय कुल 43 बालिकाएं आवासित मिलीं, जिनमें सोनभद्र की 22, मीरजापुर की 19 और भदोही की 2 बालिकाएं शामिल हैं। इसके साथ ही 3 नवजात शिशु भी मौजूद पाए गए।

अधिकारियों ने पाया कि बालिकाओं को निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा बाल गृह में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक है।

निरीक्षण के दौरान बालिकाओं एवं स्टाफ को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम, मातृत्व लाभ अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम, पॉक्सो एक्ट एवं पीसीपीएनडीटी अधिनियम सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया।

मिशन शक्ति के छठवें चरण के तहत दहेज, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, यौन शोषण और महिलाओं के अधिकारों से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई। गिरफ्तारी से पहले, गिरफ्तारी के समय तथा उसके बाद महिलाओं के अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता और पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के संबंध में भी जागरूक किया गया।

न्यायिक अधिकारियों ने अधीक्षिका को बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा एवं स्वावलम्बन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र महिलाओं एवं बालिकाओं को विधिक सहायता और संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री राहुल ने बताया कि बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ