राजस्थान की शान कोटा डोरिया और पूर्वोत्तर भारत के मशहूर एरी सिल्क को मिलाकर देश में एक नया प्रीमियम फैब्रिक विकसित करने की बड़ी पहल शुरू हो गई है। इस अनोखे प्रयोग से भारत की दो समृद्ध हस्तकरघा परंपराओं को नई पहचान मिलने जा रही है।
कोटा में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में @MDoNER_India के सचिव संजय जाजू और फैशन डिजाइनरों व बुनकरों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से मुलाकात की। इस दौरान ओम बिरला ने कहा कि कोटा डोरिया हाड़ौती की सांस्कृतिक पहचान और बुनकरों की वर्षों की मेहनत का प्रतीक है।
उन्होंने विश्वास जताया कि एरी सिल्क और कोटा डोरिया का यह संगम भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा और बुनकरों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर खोलेगा।
इस पहल के तहत सचिव संजय जाजू ने कैथून स्थित कॉमन फैसिलिटी सेंटर का दौरा कर कोटा डोरिया की पारंपरिक बुनाई प्रक्रिया को करीब से देखा। डिजाइनरों और विशेषज्ञों ने भी बुनकरों के साथ तकनीकी चर्चा कर नए फैब्रिक की संभावनाओं पर मंथन किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि एरी सिल्क की मजबूती और कोटा डोरिया की हल्की व पारदर्शी बनावट मिलकर फैशन इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड बना सकती है। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है





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