भारत लाइव टीवी 24।जिला ब्यूरो अमेठी विरेन्द्र कुमार सिंह
अमेठी। कभी आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच जीवन गुजारने वाली संग्रामपुर विकासखंड के भौसिंहपुर गांव की रेनू देवी आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।कुछ वर्ष पहले तक रेनू देवी का परिवार केवल मजदूरी की आय पर निर्भर था। घर का खर्च चलाना मुश्किल था और बच्चों की पढ़ाई व भविष्य को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी। लेकिन फरवरी 2023 में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।समूह की बैठकों में उन्हें बचत, बैंकिंग, ऋण प्रबंधन और स्वरोजगार की जानकारी मिली। बढ़ते आत्मविश्वास के साथ उन्होंने गांव में एक कॉस्मेटिक दुकान शुरू की। मेहनत और लगन के दम पर आज उनकी दुकान गांव और आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं की जरूरतों का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।रेनू देवी को इस व्यवसाय से हर महीने 4 से 5 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। अब वे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को पहले से बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं।इतना ही नहीं, रेनू देवी वर्तमान में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष भी हैं। वे अन्य महिलाओं को समूह से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका कहना है कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए सिर्फ बचत का मंच नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और आर्थिक स्वतंत्रता की पाठशाला है।जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देशन और डीसी-एनआरएलएम प्रवीणा शुक्ला के नेतृत्व में अमेठी में महिला सशक्तिकरण की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मिशन के माध्यम से हजारों महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।रेनू देवी की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल सकती हैं। उनकी संघर्ष से सफलता तक की यह यात्रा आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।







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