संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी जागरूकता, जलाशयों पर लगेंगे चेतावनी बोर्ड
सोनभद्र, 30 मई 2026। संभावित बाढ़ एवं सूखा राहत की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा से पहले सभी आवश्यक तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग एवं जिला पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील गांवों में विशेष चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को आपदा से बचाव, राहत एवं पुनर्वास संबंधी जानकारी दी जाए। गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को संभावित खतरे के प्रति सतर्क किया जाए।बैठक में डूबने की घटनाओं को रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि तालाब, पोखर, बंधी और अन्य संवेदनशील जलाशयों के किनारे तत्काल चेतावनी संबंधी साइनेज बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड नहीं मिले तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग बाढ़ से पूर्व अपनी तैयारियां पूरी रखें तथा राहत सामग्री, नाव, चिकित्सा सुविधा और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर त्वरित सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए, जिससे आपदा की स्थिति में तुरंत सूचना साझा की जा सके।विद्यालयों में भी आपदा प्रबंधन और बाढ़ से बचाव के उपायों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि समाज में व्यापक स्तर पर जागरूकता का प्रसार हो सके।बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वागीश कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज राय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अजय कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





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