सोनभद्र। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं से लेकर जिला खनिज फाउंडेशन निधि से चल रहे करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की तैनाती और उनसे जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज को निर्देशित किया कि नर्सिंग स्टाफ से संबंधित सभी समस्याओं का जनपद स्तर पर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में शासन स्तर की स्वीकृति या कार्रवाई आवश्यक हो, उन्हें बिना देरी शासन को भेजा जाए, ताकि मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
इसके बाद डीएम ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा जिला खनिज फाउंडेशन निधि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने करोड़ों की परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की जांच आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से कराई जाए। वहीं अन्य परियोजनाओं के लिए अलग से गुणवत्ता जांच टीम गठित कर नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाए और सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में मुख्य कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह, सीनियर माइंस ऑफिसर कमल कश्यप, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतपाल वर्मा, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग नूर आलम सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।





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