सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासोन्मुखी नीतियों का असर अब सोनभद्र में साफ दिखाई देने लगा है। कभी पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले सोनभद्र में औद्योगिक विकास ने नई रफ्तार पकड़ ली है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत निवेश करने वाली 54 कंपनियों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इन इकाइयों में लगभग ₹5609 करोड़ का निवेश हुआ है, जिससे 4585 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और करीब 10 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जिले में प्राप्त 67 निवेश प्रस्तावों में से 54 इकाइयाँ संचालित हो चुकी हैं, जबकि 19 परियोजनियाँ निर्माणाधीन हैं। प्रशासन निवेशकों की समस्याओं का युद्धस्तर पर समाधान कर रहा है ताकि सभी परियोजनाओं से जल्द उत्पादन शुरू हो सके।उन्होंने बताया कि सलई बनवा स्थित एसीसी सीमेंट प्लांट जल्द पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन शुरू करेगा। वहीं ₹200 करोड़ की लागत से तैयार एनटीपीसी का सोलर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। ज्वालामुखी इंटरप्राइजेज का प्रोजेक्ट भी शीघ्र शुरू होने जा रहा है।
ओबरा-सी – ₹13,005 करोड़, 2500 रोजगार
- एमप्लस तुंगभद्रा – ₹200 करोड़, 500 रोजगार
- वल्लुप ब्रेविंग – ₹48 करोड़, 90 रोजगार
- काशी विश्वनाथ डेयरी – ₹45 करोड़, 60 रोजगार
- सोन स्टील – ₹10 करोड़, 300 रोजगार
औद्योगिक विकास की यह रफ्तार न केवल युवाओं के पलायन को रोकने में मददगार साबित होगी, बल्कि सोनभद्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एक मजबूत औद्योगिक पहचान भी दिलाएगी।







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