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250 गांवों की उम्मीद बना शंकरगढ़ महिला अस्पताल, अब 50 बेड अस्पताल बनाने की उठी जोरदार मांग


शंकरगढ़, प्रयागराज।
वर्षों से उपेक्षा का शिकार शंकरगढ़ का महिला अस्पताल अब एक बार फिर सुर्खियों में है। क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी आईटी विभाग, यमुनापार-प्रयागराज के जिला संयोजक सतीश विश्वकर्मा ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री **** को पत्र भेजकर अस्पताल के तत्काल जीर्णोद्धार और इसे 50 बेड के आधुनिक अस्पताल में विकसित करने की मांग की है।

बताया गया कि नगर पंचायत शंकरगढ़ का यह महिला अस्पताल कभी क्षेत्र का प्रमुख प्रसूति केंद्र हुआ करता था, जहां प्रतिदिन दर्जनों प्रसव होते थे। लेकिन पिछले दो दशकों में अस्पताल की स्थिति लगातार बिगड़ती गई और आज भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है।

जानकारी के अनुसार, इस अस्पताल पर शंकरगढ़ क्षेत्र के करीब 250 गांवों के अलावा मध्य प्रदेश के 50 से अधिक गांवों की गर्भवती महिलाएं भी उपचार और प्रसव के लिए निर्भर रहती थीं। अस्पताल की बदहाल स्थिति के कारण अब गरीब और ग्रामीण परिवारों को इलाज के लिए प्रयागराज के अन्य अस्पतालों तक जाना पड़ता है, जिससे समय, धन और परेशानी तीनों बढ़ रहे हैं।

सतीश विश्वकर्मा ने मांग की है कि विशेष निधि से अस्पताल का शीघ्र जीर्णोद्धार कराया जाए और सभी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस 50 बेड का अस्पताल बनाया जाए, ताकि यमुनापार और मध्य प्रदेश सीमा से जुड़े हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

अब निगाहें सरकार के फैसले पर हैं। यदि यह मांग पूरी होती है तो शंकरगढ़ सहित आसपास के सैकड़ों गांवों की महिलाओं को बड़ी राहत मिल सकती है।

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